नवीनजी आपकी टिप्पणी के लिए शुक्रिया. आपको मेरी लेखनी पसंद आई उसके लिए धन्यवाद. वैस मुझे लिखने का कोई अनुभव नही है, उसकी याद में जो दर्द दिल में उठता है उसे यहाँ बयां कर देता हूँ, जिससे दिल को थोड़ा सुकून मिलता है. उसको अपने प्यार का यकीन दिलाना चाहता हूँ. अभी तो उसके सिवा मुझे कुछ दिखाई देता. आप सिर्फ़ इतनी दुआ करे की वो मेरे प्यार को समझ जाए. मैं उससे बहुत प्यार करता हूँ. आपकी सलाह पर भी विचार करूँगा अपनी कलम की दिशा मोड़ने की कोशिश करूंगा.
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नवीनजी आपकी टिप्पणी के लिए शुक्रिया. आपको मेरी लेखनी पसंद आई उसके लिए धन्यवाद. वैस मुझे लिखने का कोई अनुभव नही है, उसकी याद में जो दर्द दिल में उठता है उसे यहाँ बयां कर देता हूँ, जिससे दिल को थोड़ा सुकून मिलता है. उसको अपने प्यार का यकीन दिलाना चाहता हूँ. अभी तो उसके सिवा मुझे कुछ दिखाई देता. आप सिर्फ़ इतनी दुआ करे की वो मेरे प्यार को समझ जाए. मैं उससे बहुत प्यार करता हूँ. आपकी सलाह पर भी विचार करूँगा अपनी कलम की दिशा मोड़ने की कोशिश करूंगा.
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